Wednesday, October 12, 2011

पापा मैंने लिखी कविता

पापा मैंने लिखी कविता

पापा मैंने लिखी कविता
सुनो! सुनो! तुम मेरी कविता

मेरी कविता में नहीं है परियां
न इसमें कोई, बाग और बगिया

गुड्डे- गुड़िया खेल नहीं है
छुक-छुक भागती रेल नहीं है

ना पर्वत, ना नदी-समंदर
न ही कहीं कोई भालू-बंदर

इसमें रित्विक, सलमान, कटरीना
आमीर, अक्षय, साहिद,करीना

इसमें चाकलेट, पीज़ा, बर्गर,
पैटी, आइसक्रीम खाओ जमकर

इसमें स्कूल है, बस है, स्टैंड है
बस पढने में ही, पूरा दिन एंड है

पापा मैंने लिखी कविता
सुनो! सुनो! तुम मेरी कविता